हरियाणा में इन इस रूट पर दौड़ेगी इलेक्ट्रिक बसें, जाने कितना होगा किराया Electric Bus Service

Electric Bus Service: हरियाणा रोडवेज एक और बड़ी पहल की ओर बढ़ रहा है. अंबाला से चंडीगढ़, पंचकूला और कालका रूट पर जल्द ही इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जाएगा. इसके लिए रोडवेज विभाग द्वारा तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. बसों के संचालन से पहले संबंधित अधिकारियों द्वारा रूट का पूरी तरह से निरीक्षण और परीक्षण किया जाएगा. ट्रायल सफल होने के बाद इन मार्गों पर नियमित इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी. जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा.

पर्यावरण के साथ यात्रियों को भी होगा लाभ

इलेक्ट्रिक बसें जहां पर्यावरण के लिए फायदेमंद हैं. वहीं ये यात्रियों के लिए भी किफायती, आरामदायक और प्रदूषण रहित यात्रा का विकल्प बनेंगी. डीजल और पेट्रोल की बसों के मुकाबले इलेक्ट्रिक बसें कम शोर और बिना धुएं के चलती हैं. जिससे हवा की गुणवत्ता सुधरती है. साथ ही, ईंधन खर्च में कटौती से सरकार को भी आर्थिक रूप से राहत मिलेगी. अंबाला जैसे व्यस्त ट्रांजिट पॉइंट से इनका संचालन हरियाणा की स्मार्ट परिवहन व्यवस्था की ओर एक और कदम माना जा रहा है.

स्टूडेंट्स और नौकरीपेशा लोगों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

अंबाला कैंट से हर दिन बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स, नौकरीपेशा और आम नागरिक पंचकूला, कालका और चंडीगढ़ की ओर आते-जाते हैं. अभी तक इलेक्ट्रिक बस सेवा सिर्फ अंबाला से जीरकपुर तक ही सीमित है, जिससे यात्रियों को दो बार बसें बदलनी पड़ती हैं. लेकिन अब जब नई इलेक्ट्रिक बसें सीधे इन रूट्स पर चलेंगी, तो लोगों को एक ही सवारी में मंजिल तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी. इससे यात्रा का समय बचेगा, खर्च कम होगा और सफर भी आरामदायक बनेगा.

भीड़भाड़ में कमी और बेहतर सेवा की उम्मीद

अभी की स्थिति में सुबह और शाम के समय हरियाणा रोडवेज की बसें खचाखच भरी होती हैं. खासकर ऑफिस टाइम और स्कूल-कोचिंग टाइम में सीट मिलना मुश्किल हो जाता है. इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने से यह समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी. इससे न सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी. बल्कि रोडवेज की सेवा पर भरोसा भी बढ़ेगा. महिलाओं और बुजुर्गों को भी बैठने की बेहतर सुविधा मिल सकेगी.

अभी इन रूट्स पर दौड़ रही हैं इलेक्ट्रिक बसें

अंबाला शहर में फिलहाल चार रूट्स पर इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं:

  • रूट नंबर 1: अंबाला शहर से नन्हेड़ा (वाया सुभाष पार्क)
  • रूट नंबर 2: अंबाला शहर से बबयाल (वाया सुभाष पार्क)
  • रूट नंबर 3: अंबाला शहर से पंजोखरा (वाया कलरहेड़ी)
  • रूट नंबर 4: अंबाला शहर से अंबाला कैंट (वाया जंडली)

इन रूट्स पर बसों का संचालन सफल रहा है, जिससे अब इन्हें और बड़े रूट्स तक विस्तार देने का प्लान बनाया गया है.

रोडवेज विभाग करेगा रूटों का मूल्यांकन

नए रूट्स पर इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने से पहले, रोडवेज विभाग द्वारा इन रूट्स का तकनीकी मूल्यांकन किया जाएगा. अधिकारियों की टीम यह देखेगी कि किस मार्ग पर बसें सुचारु रूप से चलाई जा सकती हैं. कहां चार्जिंग स्टेशन लगाने होंगे और किन-किन जगहों पर बस स्टॉप बनाए जाने हैं. इसके बाद ट्रायल रन शुरू होगा. जिसमें यह परखा जाएगा कि बसें बिना किसी परेशानी के यात्री सेवा दे पा रही हैं या नहीं.

भविष्य में बढ़ेगा इलेक्ट्रिक बसों का नेटवर्क

अगर चंडीगढ़, कालका और पंचकूला रूट पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन सफल रहा, तो भविष्य में इन्हें यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल जैसे नजदीकी शहरों तक भी बढ़ाया जा सकता है. इससे हरियाणा रोडवेज का इलेक्ट्रिक नेटवर्क और मजबूत होगा और यह पहल दूसरे राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है. सरकार का लक्ष्य है कि अगले कुछ वर्षों में अधिकतम सार्वजनिक परिवहन को इलेक्ट्रिक बसों में बदला जाए.

यात्रियों को मिलेगी स्मार्ट यात्रा की सुविधा

इन इलेक्ट्रिक बसों में GPS सिस्टम, CCTV कैमरा, डिजिटल टिकटिंग और आरामदायक सीटिंग अरेंजमेंट जैसी सुविधाएं होंगी. इससे न केवल सफर आरामदायक बनेगा. बल्कि सुरक्षा और निगरानी भी आसान होगी. स्टूडेंट्स के लिए रियायती पास और महिलाओं के लिए सुरक्षित सफर जैसी योजनाएं भी इन बसों में लागू की जाएंगी.