Toll Plaza Rates: देशभर के वाहन चालकों को अब हाईवे पर सफर करने के लिए ज्यादा टोल टैक्स देना होगा. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने आगामी 1 अप्रैल 2025 से नई टोल दरें लागू करने की घोषणा कर दी है. यह बदलाव 31 मार्च की मध्यरात्रि से प्रभावी हो जाएगा. टोल दरों में इस बार करीब 2 से 3 प्रतिशत की वृद्धि की गई है. टोल प्रबंधन के अधिकारियों के अनुसार यह वार्षिक प्रक्रिया है और हर वित्तीय वर्ष की शुरुआत में दरों में संशोधन किया जाता है.
कार, बस, ट्रक से लेकर ओवरसाइज गाड़ियों तक सभी पर बढ़ा शुल्क
नए टोल टैक्स का असर हर तरह के वाहन जैसे कि कार, वैन, पिकअप, मिनी ट्रक, बस, ट्रक और भारी वाहनों पर पड़ेगा. हालांकि खेती-बाड़ी में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टरों को इस बार भी टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है. यह बदलाव देशभर के लगभग सभी टोल प्लाजा पर लागू होगा. लेकिन टूंडला और सिरसागंज जैसे इलाकों में इसकी शुरुआत के खास आंकड़े सामने आए हैं, जो आम लोगों को सीधे प्रभावित करेंगे.
टूंडला टोल प्लाजा
टूंडला टोल प्लाजा पर लागू की गई नई दरों के अनुसार टोल शुल्क में इस तरह से बढ़ोतरी की गई है:
वाहन का प्रकार | पहले का टोल (एक तरफ) | अब का टोल (एक तरफ) | पहले का टोल (दोनों तरफ) | अब का टोल (दोनों तरफ) |
---|---|---|---|---|
कार / जीप | ₹105 | ₹110 | ₹160 | ₹165 |
वैन / पिकअप | ₹175 | ₹180 | ₹260 | ₹270 |
बस / ट्रक | ₹365 | ₹375 | ₹545 | ₹565 |
10 चक्का वाहन | ₹395 | ₹410 | ₹595 | ₹615 |
10 चक्का से अधिक | ₹570 | ₹590 | ₹855 | ₹885 |
ओवरसाइज वाहन | ₹695 | ₹720 | ₹1040 | ₹1075 |
इस बढ़ोतरी से साफ है कि भारी वाहनों पर बोझ और बढ़ेगा. जिसका सीधा असर माल ढुलाई और ट्रांसपोर्ट की लागत पर पड़ सकता है.
सिरसागंज टोल प्लाजा पर भी बढ़े टोल टैक्स
सिरसागंज के सेमरा अतीकाबाद टोल प्लाजा पर भी नई दरें लागू कर दी गई हैं. यहां हल्के और भारी वाणिज्यिक वाहनों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों के मासिक पास और मंथली ट्रिप कार्ड की दरों में भी बढ़ोतरी की गई है.
वाहन का प्रकार | पहले का टोल (एक तरफ) | अब का टोल (एक तरफ) |
---|---|---|
कार / जीप | ₹115 | ₹120 |
रिटर्न पास | ₹175 | ₹180 |
मिनी बस / हल्के कमर्शियल वाहन | ₹185 | ₹195 |
बस / ट्रक | ₹390 | ₹405 |
थ्री एक्सल वाहन | ₹430 | ₹440 |
4 से 6 एक्सल वाहन | ₹615 | ₹635 |
7 या उससे अधिक एक्सल | ₹750 | ₹775 |
वहीं मंथली ट्रिप बेस कार्ड की कीमत ₹3860 से बढ़ाकर ₹3999 कर दी गई है. जिससे रोजाना आने-जाने वाले वाहन चालकों को अतिरिक्त खर्च करना होगा.
टोल टैक्स में बढ़ोतरी क्यों की जाती है?
टोल टैक्स में हर साल थोड़ी बहुत बढ़ोतरी की जाती है. जिसका मुख्य उद्देश्य होता है:
- हाईवे के रख-रखाव और मरम्मत के लिए जरूरी फंड इकट्ठा करना
- सड़क निर्माण और विस्तार के लिए वित्त जुटाना
- इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार परियोजनाओं के लिए राजस्व बढ़ाना
एनएचएआई हर साल वित्तीय वर्ष के अंत में दरों का पुनर्मूल्यांकन करती है. जिससे अगले वर्ष की लागत के अनुसार नई दरें लागू की जा सकें.
ग्रामीणों और किसानों को राहत
जहां एक ओर टोल टैक्स में हर साल वृद्धि की जा रही है. वहीं दूसरी ओर कृषि कार्यों में लगे ट्रैक्टर और ट्रॉली को टैक्स से मुक्त रखा गया है. यह फैसला खास तौर पर किसानों को राहत देने के लिए लिया गया है, ताकि उनकी लागत पर अतिरिक्त बोझ न पड़े.
लोगों की जेब पर पड़ेगा असर, ट्रांसपोर्ट महंगा होने के संकेत
टोल टैक्स बढ़ने से सबसे ज्यादा असर माल ढुलाई और यात्रा खर्च पर पड़ेगा. ट्रक और बस ऑपरेटर इस अतिरिक्त खर्च को यात्रियों और ग्राहकों से वसूल सकते हैं. जिससे आने वाले दिनों में ट्रांसपोर्टेशन और रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी हो सकती हैं. हालांकि कार और बाइक जैसे निजी वाहन चालकों के लिए यह बढ़ोतरी सीमित है. फिर भी लंबी दूरी तय करने वालों को फर्क जरूर महसूस होगा.