यूपी में यहां शराब की बोतलों पर भारी डिस्काउंट, खरीदारी करने वालों की हुई मौज Liquor Discount

Liquor Discount: उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में इन दिनों शराब की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए एक अनोखा और विवादित तरीका अपनाया जा रहा है. यहां शराब के ठेकेदार कार पर लाउडस्पीकर लगाकर शराब पर भारी छूट की घोषणा कर रहे हैं, जिससे लोगों को आकर्षित किया जा सके. यह नजारा लोगों के लिए चौंकाने वाला है, क्योंकि अब तक सरकारी नियमों के तहत शराब का सार्वजनिक प्रचार प्रतिबंधित है. बावजूद इसके गांव-गांव घूमकर प्रचार किया जा रहा है, और स्थानीय प्रशासन इस पर चुप्पी साधे बैठा है.

गांवों में घूम रही प्रचार गाड़ी

प्रचार की यह गाड़ी खास तौर पर गंजडुंडवारा क्षेत्र के गांवों जैसे सनौडी, रम्पुरा, आजाद नगर, थान गांव और गणेशपुर में देखी जा रही है. लाउडस्पीकर के जरिए बताया जा रहा है कि तीन दिनों (29, 30, 31 मार्च) तक शराब पर विशेष छूट दी जा रही है. लोग गानों की धुन पर आकर्षित होकर ठेकों की ओर खिंचे चले जा रहे हैं. इस प्रकार का प्रचार अवैध और सार्वजनिक नीति के खिलाफ है, फिर भी किसी भी प्रशासनिक अधिकारी या पुलिस विभाग की कोई सक्रियता नजर नहीं आ रही है.

अंग्रेजी शराब पर मिल रही है इतनी छूट

गंजडुंडवारा में संचालित एक मांडल शॉप पर अंग्रेजी शराब की कीमतों में भारी छूट की घोषणा की गई है:

  • फुल बोतल पर ₹80 तक की छूट
  • हाफ बोतल पर ₹60 तक की छूट
  • क्वार्टर पर ₹20 तक की छूट इन छूटों की जानकारी लाउडस्पीकर के जरिए गाने की धुन के साथ दी जा रही है. जिससे यह बाजार में भीड़ बढ़ाने का जरिया बन गया है. ठेके पर लोगों की संख्या में अचानक इजाफा देखने को मिल रहा है.

देशी शराब भी सस्ती

अंग्रेजी शराब के साथ-साथ देशी शराब पर भी आकर्षक छूट दी जा रही है.

  • कई जगहों पर ₹70 की क्वार्टर बोतल अब ₹60 में दी जा रही है.
  • यह छूट कादरगंज, पटियाली रोड, सनौडी और रम्पुरा जैसे गांवों में प्रचारित की जा रही है. इस तरह के छूट वाले प्रचार से युवा वर्ग तेजी से आकर्षित हो रहा है, जो चिंता का विषय है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां नशा मुक्त समाज की सोच के खिलाफ हैं. और इससे युवाओं में शराब की लत को बढ़ावा मिल सकता है.

प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

जहां एक ओर शराब की खुलेआम बिक्री और प्रचार हो रहा है. वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से निष्क्रिय दिखाई दे रहा है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के चलते यह घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. कई लोगों ने सवाल उठाए हैं कि जब स्कूलों के पास तंबाकू और पान की दुकानों पर कार्रवाई होती है, तो फिर शराब के खुले प्रचार पर क्यों नहीं?

हाथरस में भी दिखा शराब पर ऑफर का असर

कासगंज ही नहीं बल्कि पास के हाथरस जिले में भी शराब की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए एक बोतल खरीदने पर एक फ्री देने की स्कीम शुरू की गई है. इस ऑफर के कारण ठेके के बाहर लंबी कतारें लग गईं और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा. यह भी दिखाता है कि इस तरह की रणनीतियां न सिर्फ नियमों के खिलाफ हैं. बल्कि भीड़ और कानून व्यवस्था के लिए खतरा भी बन सकती हैं.